पिताजी ने बेटे को बुलाया पास में बिठाया,
बोले आज राज की मैं बात ये बताऊंगा।
शादी तो है बरबादी मत करवाना बेटे,
तुमको किसी तरह मैं शादी से बचाऊंगा।
बेटा मुस्कुराया बोला ठीक फरमाया डैड,
मौका मिल गया तो मैं भी फर्ज ये निभाऊंगा।
शादी मत करवाना तुम कभी जिन्दगी में,
मैं भी अपने बच्चों को यही समझाऊंगा।
2
एक नए अखबार वाले सर्वे कर रहे थे
मैंने कहा मैं भी खूब अखबार लेता हूं
जागरण, भास्कर, केसरी ओ हरिभूमि
हिन्दी हो या अंगरेजी सबका सच्चा क्रेता हूं
पत्रकार बोला इतनों को कैसे पढ़ते हैं
मैंने कहा ये भी बात साफ कर देता हूं
पढ़ने का तो कोइ भी प्रश्न ही नहीं है साब
मैं कबाड़ी हूं पुराने तोलकर लेता हूं
3
एक हास्य कवि जी के पास एक नेता आया
बोला हॅंसाने की कला हमें भी सिखाइए
कवि ने कहा कि योगासन है अलग मेरा
सुबह सुबह चार घंटे आप भी लगाइए
बुद्धि तीव्र हो जाएगी नाचने लगेगा मन
सीख लीजिए ना व्यर्थ समय गवांइए
नेताजी ने कहा कविराज बतलाओ योग
कवि बोला यहां आके मुर्गा बन जाइए
4
जीवन का किसी क्षण कोई भी भरोसा नहीं
जोखिम ना आप यूं अकेले ही उठाइए
सबसे सही है राह फैलाए खड़ी है बांह
बीमा कम्पनी को इस जाल में फंसाइए
पति पत्नी से बोला फायदे का सौदा है ये
प्रिय आप भी जीवन बीमा करवाइए
पत्नी बोली करवा रखा है आपने जनाब
उससे कोई फायदा हुआ हो ता बताइए
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Tuesday, 6 October 2009
हास्य के चार छंद ............ ! !
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Thursday, 17 September 2009
अकाउंटिंग के अध्यापक का प्रेम पत्र
नए नए Accounting के प्राध्यापक
स्वयं के प्यार में हिसाब किताब भर बैठे
और उसी से प्रभावित होकर ये गलती कर बैठे
की सारा का सारा मसाला
दिल की बजाय, दिमाग से निकाला
और ये पत्र लिख डाला
लिखा था -
प्रिय ! मैं जब भी तुमसे मिलता हूँ "Share Premium" की तरह खिलता हूँ
सचमुच तुमसे मिलकर यूँ लगता है
गुलशन में नया फूल खिल गया
या यूँ कहूं, किसी उलझे हुए सवाल की "Balance Sheet" का "Total" मिल गया
मेरी जान जब तुम शरमाती हो
तो मुझे "Profit & Loss" के "Credit Balance" सी नजर आती हो
तुम्हारा वो "Income Tax Officer" भाई जो "31 st March" की तरह आता है
मुझे बिलकुल नहीं भाता है
उसकी शादी करवाकर घर बसवाओ
वर्ना घिस-घिस कर इतना पछतायेगा
एक दिन "Bad Debt" हो जाएगा
और कुछ मुझे भी संभालो "Fixed Asset" तरह जिन्दगी में ढालो
अपने "Scrap Value" के नजदीक आते माँ बाप को समझाओ
किसी तरह भी मुझे उनसे मिलवाओ
उन्हें कहो तुम्हे किस बात का रोना है
तुम्हारा दामाद तो खरा सोना है
और तुम्हारा पडोसी पहलवान जो बेवक्त हिनहिनाता है
उसे कहो मुझे "Live Stock Account" बनाना भी आता है
"Higher Accountancy" की किताब की तरह मोटी
और उसके अक्षरों की तरह काली
वो मेरी होने वाली साली जब भी मुस्कुराती है
मुझे "Risky Investment" पर "Interest Rate" सी नजर आती है
सच में प्रिय दिल में गहराई तक उतर जाती हो
जब तुम "Suspense Account" की तरह मेरे सपनों में आती हो
ये पत्र नहीं मेरी धड़कने तुम्हारे साथ में हैं
अब मेरे प्यार का "Debit-Credit" तुम्हारे हाथ में है
ये यादें और ख्वाब जब मदमाते हैं
तो जिन्दगी के "Trial Balance" बड़ी मुश्किल से संतुलन में आते हैं
जानता हूँ मुझसे दूर रहकर तुम्हारा दिल भी कुछ कहता है
मेरे हर आँसू का हिसाब तुम्हारी "Cash Book" में रहता है
और गिले शिकवे तो हम उस दिन मिटायेंगे
जिस दिन प्यार का "Reconcilation Statement" बनायेंगे
और हाँ ! तुम मुझे यूँ ही लगती हो सही
तुम्हे किसी "Window Dressing" की जरूरत नहीं
मुझे लगता है तुम्हारा जहन किसी और आशा में होगा
"Auditing" सीख रहा हूँ,
अगला ख़त और भी सरल भाषा में होगा
मैंने "Slip System" की पद्धति दिमाग में भर ली है
और तुम्हारे कॉलेज टाइम में लिखे एक सो पच्चीस लव लेटर्स की "Auditing" शुरू कर दी है
अब समझी !
मैं तुम्हारी जुदाई से "Insolvancy" की तरह डरता हूँ
मेरी जान मैं तुम्हे "Bonus Shares" से भी ज्यादा प्यार करता हूँ
तुम्हारी यादों में मदहोश होकर जब भी "Board" पर लिखने के लिए "Chalk" उठाता हूँ
"Ledger Performa" की जगह तुम्हारी तस्वीर बना आता हूँ
मैं तुम्हारे अन्दर अब इतना खो गया हूँ "Non Performing Asset" हो गया हूँ
अब पत्र बंद करता हूँ कुछ गलत हो तो "अपवाद के सिद्धांत" को अपनाना
कुछ नाजायज़ हो तो "Money Measurement Concept" से परे समझकर भूल जाना
"Consistency" ही जीवन का आधार होता है
और जिन्दा वही रहते हैं जिन्हें किसी से प्यार होता है
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Sunday, 23 August 2009
राजेश चेतन काव्य पुरस्कार 2009

अरुण अद्भुत को राजेश चेतन काव्य पुरस्कार, सम्मान पत्र प्रदान करते हुए वन पर्यटन मंत्री किरण चौधरी, साथ में हैं कवि राजेश चेतन एवं सांस्कृतिक मंच के महासचिव जगत नारायण भारद्वाज (सबसे दायें)

काव्य पाठ करते हास्य कवि बागी चाचावरिष्ठ कवि राजेश चेतन जैन ने अपनी कविता "उसके बस की बात नही" माध्यम से अमेरिका, पाकिस्तान, चीन पर निशाने साधे। उन्होंने इस कविता में राजनेताओं के चरित्र को भी लपेटा और वर्तमान व्यवस्था को बदलने का परामर्श भी दिया। उनकी कविता की कुछ विशेष पंक्तियाँ थी:
जात पात का हाथी लेकर हाथ हिलाना आता है।
उस हाथी पर दिल्ली आना उनके बस की बात नही॥
मंच संचालन कर रहे कवि चिराग जैन ने अपनी गजल कुछ इस अंदाज़ में पढ़ी:
कवि सम्मलेन का मंच सञ्चालन करते सशक्त युवा हस्ताक्षर चिराग जैनसयानी होती है
हास्य कवि बागी चाचा ने वर्तमान परिवेश के परीक्षा ढर्रे पर जम कर कटाक्ष किए। उन्होंने राष्ट्र धरम की भी बात की उनकी रचना थी-



काव्य पाठ करते हुए युवा कवि अरुण मित्तल 'अद्भुत'

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Thursday, 13 August 2009
मुक्तक
दुःख में पीडा में पले जो उसका अभिनन्दन करें
जब जरूरत हो जले जो, उसका अभिनन्दन करें
यूँ तो चलने को सभी चलते हैं जीवन राह पर
भीड़ से हटकर चले जो उसका अभिनन्दन करें
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Saturday, 1 August 2009
तेज बनकर सच कलम ...................
तेज बनकर सच कलम के साथ चलना चाहिए
आज वीणावादिनी यह स्वप्न पलना चाहिए
जो मिटा दे हर अँधेरा, कर दे रोशन विश्व को
शारदे माँ ज्ञान का वो दीप जलना चाहिए
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Monday, 13 July 2009
युवा कवि अरुण मित्तल 'अदभुत' को चतुर्थ राजेश चेतन पुरस्कार
सांस्कृतिक मंच भिवानी ने निर्णय किया है कि वर्ष 2009 का राजेश चेतन काव्य पुरस्कार युवा कवि श्री अरुण मित्तल "अदभुत" को 8 अगस्त 2009 को भिवानी मे आयोजित कवि सम्मेलन के मंच पर दिया जायेगा। इससे पूर्व ये पुरस्कार श्री रमाकांत शर्मा, श्री विपिन सुनेजा और श्री योगेन्द्र मौदगिल्य को मिल चुका है ।
प्रस्तुत है अरुण मित्तल 'अदभुत' का परिचय -
नाम : श्री अरुण मित्तल "अदभुत"
जन्मस्थान : चरखी दादरी, जिला - भिवानी, हरियाणा
जन्मतिथि : 21-02-1985
शिक्षा : एम॰ बी॰ए॰एम॰फिल॰ पी जी डी आर एम, पी॰एच॰डी॰ (शोधार्थी)।
प्रकाशित रचनायें :
विभिन्न पत्रिकाओं में 200 से अधिक कविताएं, गजलें, लेख,लघुकथाएं, कहानियां आदि प्रकाशित।
अंतरजाल पत्रिका रचनाकार, अनुभूति एवं सृजनगाथा, हिन्द युग्म में कविताएं अवं लेख प्रकाशित।
हिन्दी छंद एवं गज़ल व्याकरण में विशेष निपुणता मुख्यत: छंदबद्ध कविताओ का लेखन।
आकाशवाणी रोहतक एवं जैन टी वी, दिल्ली से काव्य पाठ।
अप्रकाशित महाकाव्य वीर बजरंगी का लेखन।
हिन्दी भवन,दिल्ली में दिशा फाउण्डेशन द्वारा विशेष रुप से युवा कवियों के लिए आयोजित कवि सम्मेलन'दस्तक नई पीढ़ी की' में काव्य पाथ।
सम्मान:
चरखी दादरी अग्रवाल सभा द्वारा अग्रकुल गौरव से सम्मानित।
लायंस क्लब भिवानी द्वारा साधना सम्मान।
मानव कल्याण संघ चरखी दादरी द्वारा साहित्य सेवी सम्मान्।
दिल्ली प्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित युवा कहानी प्रतियोगिता 2005 में कहानी गलतफहमी को द्वितीय पुरस्कार।
विभिन्न मंचीय प्रतियोगिताओं में लगभग 20 पुरस्कार।
स्थानीय गो्ष्ठियों से लेकर राष्ट्रीय हिन्दी काव्य मंचों से काव्य पाठ।
हिन्दी पद्य साहित्य में नारी विषय पर राष्ट्रीय अधिवेशन में शोध पत्र प्रस्तुत।
हिन्द-यु्ग्म द्वारा आयोजित यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता में फरवरी 2009 के यूनिपाठक सम्मान से सम्मानित।
सम्पर्क:हरियाणा टिम्बर स्टोर
काठ मण्डी, जिला भिवानी
चरखी दादरी - 127306 (हरियाणा)
दूरभाष : 9896168261,9818057205
ईमेल - arunmittaladbhut@gmail.com
source: www.rajeshchetan.blogspot.com
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Tuesday, 9 June 2009
रुला गए ना दादा .......................
अँधेरी रातों का

..................................................................................................................................................................................Posted by Arun Mittal "Adbhut" at 19:55 2 comments Links to this post
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