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Thursday, 17 September 2009

अकाउंटिंग के अध्यापक का प्रेम पत्र

नए नए Accounting के प्राध्यापक
स्वयं के प्यार में हिसाब किताब भर बैठे
और उसी से प्रभावित होकर ये गलती कर बैठे
की सारा का सारा मसाला
दिल की बजाय, दिमाग से निकाला
और ये पत्र लिख डाला
लिखा था -
प्रिय ! मैं जब भी तुमसे मिलता हूँ "Share Premium" की तरह खिलता हूँ
सचमुच तुमसे मिलकर यूँ लगता है
गुलशन में नया फूल खिल गया
या यूँ कहूं, किसी उलझे हुए सवाल की "Balance Sheet" का "Total" मिल गया
मेरी जान जब तुम शरमाती हो
तो मुझे "Profit & Loss" के "Credit Balance" सी नजर आती हो
तुम्हारा वो "Income Tax Officer" भाई जो "31 st March" की तरह आता है
मुझे बिलकुल नहीं भाता है
उसकी शादी करवाकर घर बसवाओ
वर्ना घिस-घिस कर इतना पछतायेगा
एक दिन "Bad Debt" हो जाएगा
और कुछ मुझे भी संभालो "Fixed Asset" तरह जिन्दगी में ढालो
अपने "Scrap Value" के नजदीक आते माँ बाप को समझाओ
किसी तरह भी मुझे उनसे मिलवाओ
उन्हें कहो तुम्हे किस बात का रोना है
तुम्हारा दामाद तो खरा सोना है
और तुम्हारा पडोसी पहलवान जो बेवक्त हिनहिनाता है
उसे कहो मुझे "Live Stock Account" बनाना भी आता है
"Higher Accountancy" की किताब की तरह मोटी
और उसके अक्षरों की तरह काली
वो मेरी होने वाली साली जब भी मुस्कुराती है
मुझे "Risky Investment" पर "Interest Rate" सी नजर आती है
सच में प्रिय दिल में गहराई तक उतर जाती हो
जब तुम "Suspense Account" की तरह मेरे सपनों में आती हो
ये पत्र नहीं मेरी धड़कने तुम्हारे साथ में हैं
अब मेरे प्यार का "Debit-Credit" तुम्हारे हाथ में है
ये यादें और ख्वाब जब मदमाते हैं
तो जिन्दगी के "Trial Balance" बड़ी मुश्किल से संतुलन में आते हैं
जानता हूँ मुझसे दूर रहकर तुम्हारा दिल भी कुछ कहता है
मेरे हर आँसू का हिसाब तुम्हारी "Cash Book" में रहता है
और गिले शिकवे तो हम उस दिन मिटायेंगे
जिस दिन प्यार का "Reconcilation Statement" बनायेंगे
और हाँ ! तुम मुझे यूँ ही लगती हो सही
तुम्हे किसी "Window Dressing" की जरूरत नहीं
मुझे लगता है तुम्हारा जहन किसी और आशा में होगा
"Auditing" सीख रहा हूँ,
अगला ख़त और भी सरल भाषा में होगा
मैंने "Slip System" की पद्धति दिमाग में भर ली है
और तुम्हारे कॉलेज टाइम में लिखे एक सो पच्चीस लव लेटर्स की "Auditing" शुरू कर दी है
अब समझी !
मैं तुम्हारी जुदाई से "Insolvancy" की तरह डरता हूँ
मेरी जान मैं तुम्हे "Bonus Shares" से भी ज्यादा प्यार करता हूँ
तुम्हारी यादों में मदहोश होकर जब भी "Board" पर लिखने के लिए "Chalk" उठाता हूँ
"Ledger Performa" की जगह तुम्हारी तस्वीर बना आता हूँ
मैं तुम्हारे अन्दर अब इतना खो गया हूँ "Non Performing Asset" हो गया हूँ
अब पत्र बंद करता हूँ कुछ गलत हो तो "अपवाद के सिद्धांत" को अपनाना
कुछ नाजायज़ हो तो "Money Measurement Concept" से परे समझकर भूल जाना
"Consistency" ही जीवन का आधार होता है
और जिन्दा वही रहते हैं जिन्हें किसी से प्यार होता है
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